Saturday, December 4th, 2021

महिलाओं को लेकर तालिबान उठाने वाला है बड़ा कदम, दुनिया में हो सकती है तारीफ 

काबुल
लड़कियों की शिक्षा को लेकर तालिबान बहुत जल्द बड़ा कदम उठाने जा रहा है, जिसके बाद तालिबान की तारीफ हो सकती है। रिपोर्ट आ रही है कि, तालिबान बहुत जल्द अफगानिस्तान की लड़कियों को स्कूल जाने की इजाजत दे सकता है, हालांकि इसके पीछे तालिबान की तरफ से कुछ शर्त जरूर रखे जाएंगे, लेकिन माना जा रहा है कि, तालिबान का ये कदम कुछ हद तक लड़कियों के लिए सुकून भरा होगा। महिला शिक्षा की तरफ कदम यूनाइटेड नेशंस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि, तालिबान जल्द ही एक प्लानिंग के साथ लड़कियों की शिक्षा को लेकर बड़ा ऐलान कर सकता है और अफगानिस्तान में लड़कियों को स्कूल जाने की इजाजत दे देगा। 

तालिबान पिछले महीने ही अफगानिस्तान में लड़कों को स्कूल जाने की इजाजत दे चुका है और तालिबान ने कहा था कि, लड़कियों की शिक्षा को लेकर प्लान तैयार की जा रही है और आगे जाकर लड़कियों की शिक्षा को लेकर कदम उठाए जाएंगे और अब यूनाइटेड नेशंस ने कहा है कि, तालिबान जल्द ही लड़कियों के लिए स्कूल खोलने का ऐलान कर सकका है। यूनाइटेड नेशंस ने की घोषणा यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक उमर आब्दी ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में कहा कि, "तालिबान के शिक्षामंत्री ने हमें बताया कि वे एक रूपरेखा पर काम कर रहे हैं, जिसकी वे जल्द ही घोषणा करेंगे, जो सभी लड़कियों को माध्यमिक विद्यालय में जाने की अनुमति देगा, और हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह बहुत जल्द होगा।" रिपोर्ट के मुताबिक, अगले कुछ हफ्तों में तालिबान महिलाओं के शिक्षा का ऐलान कर सकता है और उन्हें स्कूल जाने की इजाजत दे सकता है। 

1996 से 2001 तक अपने क्रूर और दमनकारी शासन के लिए कुख्यात आतंकवादी समूह ने महिलाओं और लड़कियों को पढ़ाई से रोक दिया है। जिसको लेकर तालिबान की काफी आलोचना होती रही है। तालिबान के अलग अलग नियम तालिबान ने शुरू से ही लड़कियों को प्राथमिक विद्यालय में जाने की अनुमति दी थी, लेकिन यह सुनिश्चित किया है कि न तो लड़कियां और न ही उनकी महिला शिक्षक माध्यमिक विद्यालय में वापस आ सकती हैं। तालिबान के अधिकारियों ने कहा है कि यह तभी हो सकता है, जब लड़कियों की सुरक्षा और उन्हें लड़कों से अलग रखकर शरिया कानून की प्रतिबंधात्मक व्याख्या के तहत उनकी शिक्षा को लेकर कोई रास्ता निकल सके और तालिबान ने इस ढांचे को लागू करने के लिए और समय की आवश्यकता जताई है। आब्दी ने कहा कि, जैसा कि उन्होंने कहा, "माध्यमिक विद्यालय की उम्र की लाखों लड़कियां लगातार 27 वें दिन से स्कूल नहीं जा पा रही हैं।" उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान पर शासन कर रहे तालिबान अधिकारियों से लड़कियों को शिक्षित करने के लिए "इंतजार नहीं करने" का आग्रह किया है। तालिबान से बातचीत यूनाइटेड नेशंस के आब्दी ने कहा कि, उसने एक हफ्ते पहले अफगानिस्तान का दौरा किया था और तालिबान अधिकारियों से मुलाकात की थी। 

उन्होंने कहा कि, "मेरी सभी बैठकों में लड़कियों की शिक्षा सबसे पहला मुद्दा था जिसे मैंने उठाया था।" उन्होंने कहा कि उन्हें लड़कियों को प्राथमिक विद्यालय में जाने की अनुमति देने के लिए तालिबान की प्रतिबद्धताओं की "पुष्टि" मिली है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक स्कूलों में लड़कियों को जाने के लिए "सिर्फ पांच प्रांतों में" इजाजत दी गई है, लेकिन उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र पूरे देश में लागू होने के अधिकार पर जोर दे रहा है। लड़कियों में है निराशा तालिबान द्वारा लड़कियों की शिक्षा पर लगाए गये प्रतिबंधों को लेकर लड़कियों ने गहरी निराशा जताई थी और अस्मा नाम की 14 साल की लड़की ने सार्वजनिक तौर पर तालिबान के सामने आ गई थी और लड़कियों की पढ़ाई को लेकर मोर्चा खोल दिया था। अस्मा ने उसने एमनेस्टी इंटरनेशनल को बताय था कि, "क्या मैं स्कूल जा पाऊंगी या नहीं? यह मेरी सबसे बड़ी चिंता है। मैं सबसे आसान से सबसे कठिन विषयों तक सब कुछ सीखना चाहती हूं। 

Source : Agency

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