Saturday, September 25th, 2021

75 साल पुराने स्कूल की छत गिरी, बाल-बाल बचे बच्चे

पटना
राजधानी पटना के मध्य विद्यालय भंवर पोखर के एक कमरे की छत मंगलवार को गिर गई। संयोग था कि उस समय बच्चे बाहर चेतना सत्र के दौरान प्रार्थना कर रहे थे। बच्चे कमरे में रहते तो बड़ा हादसा हो जाता। खेतान मार्केट के सामने नगर निगम कार्यालय में चल रहे 75 साल पुराने स्कूल भवन के कमरे पहले से ही जर्जर हैं। दीवार से लेकर छत तक कमजोर हो गयी थी। स्कूल प्रशासन ने कई बार नगर निगम से इसकी शिकायत भी की लेकिन नगर निगम प्रशासन ने इसकी सुधि नहीं ली। मंगलवार को खपरैल छत के बीच का हिस्सा गिर गया।  जब छत का एक हिस्सा गिरा तो उस समय सारे बच्चे चेतना सत्र में थे। इससे कक्षा में कोई बच्चे नहीं थे। सारे बच्चे बाल-बाल बच गये। इससे पहले स्कूल का शौचालय भी ढह चुका है। स्कूल प्रशासन कि मानें तो यह कमरा काफी दिनों से जर्जर था। कमरे में बैठने में डर लगता था। बारिश होने पर पानी भी गिरता था। दो कमरे में चल रहे इस स्कूल का एक कमरा गिरने के बाद अब एक ही कमरा बचा है। इस कमरे की स्थिति भी खराब है। बारिश होने पर कमरे में पानी टपकने लगता है। स्कूल की प्राचार्य किरण कुमारी ने बताया कि छत गिरने के समय चेतना सत्र चल रहा था। किसी बच्चे को चोट नहीं लगी है।  इस स्कूल की स्थापना 1947 में की गई थी। प्राचार्य किरण कुमारी ने बताया कि पहले पेड़ के नीचे बैठ कर बच्चे पढ़ते थे। बाद में नगर निगम ने इस अधिग्रहित कर लिया। इसके बाद दो कमरे में स्कूल चलने लगा। इसके कमरे काफी जर्जर स्थिति में हैं। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी प्रेमचंद ने बताया कि एक साल पहले इसका शौचालय गिर गया था। कमरे की जर्जर स्थिति की जानकारी डीईओ को अब तब 10 से 12 बार दी जा चुकी है।

कई दिग्गज हैं इस स्कूल के पूर्व छात्र
प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी प्रेमचंद्र पहले इस स्कूल के शिक्षक रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि कई नेतागण इस स्कूल के छात्र रह चुके हैं। पूर्व मंत्री श्याम रजक, कांग्रेस नेता तारिक अनवर, अशोक यादव आदि कई जाने माने लोग इस स्कूल के छात्र रह चुके हैं तब भी इस स्कूल का यह हाल है।

कमरे नहीं होने से नामांकन भी है कम
खेतान मार्केट इलाके का यह स्कूल काफी पुराना है। आसपास कई स्लम एरिया है। सब्जीबाग समेत कई मुहल्ले भी हैं। लेकिन इसमें बच्चे नामांकन नहीं लेते हैं, क्योंकि यहां कक्षाएं ही नहीं है। एक से आठवीं तक चल रहे स्कूल के सभी बच्चे एक ही कमरे में अब पढ़ने को मजबूर हैं। पानी पीने की व्यवस्था बिलकुल नहीं है। न ही शौचालय है। ऐसे में बच्चे एक घंटे से अधिक नहीं रुकते हैं। स्कूल की प्राचार्य किरण कुमारी ने बताया कि छत गिरने की सूचना जिला शिक्षा कार्यालय को दे दी गयी है। स्कूल में अभी 65 बच्चे नामांकित हैं। 
 

Source : Agency

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