Friday, April 16th, 2021

माघ पूर्णिमा 2021 : धन से जुड़ी समस्या दूर करने के लिए करें उपाय 

नई दिल्ली
 पूर्णिमा के दिन चंद्र अपनी संपूर्ण कलाओं से युक्त रहता है। पूर्णिमा तिथि मां लक्ष्मी का दिन भी होता है, इसलिए इस दिन धन प्राप्ति के लिए अनेक उपाय किए जाते हैं। इनमें भी माघ पूर्णिमा का महत्व सर्वाधिक है। आइए जानते हैं माघ पूर्णिमा पर अपनी आर्थिक समस्याओं को कैसे दूर किया जा सकता है। पीपल के वृक्ष में स्वयं भगवान विष्णु का वास होता है और पूर्णिमा के दिन जब चंद्र अपनी संपूर्ण कलाओं से युक्त रहता है, तब मां लक्ष्मी भी श्रीहरि के पास आकर पीपल के वृक्ष में निवास करती है। इसलिए पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष में प्रात:काल के समय मीठा दूध अर्पित करें और सायंकाल में आटे के पांच दीपक बनाकर पीपल वृक्ष के नीचे प्रज्जवलित करने से धन की कमी नहीं होती।

 यह उपाय 7 पूर्णिमा तक लगातार करना चाहिए। पूर्णिमा के दिन प्रात: स्नानादि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर अपने घर के पूजन स्थल को स्वच्छ करें। समस्त देवताओं की नियमित की जाने वाली पूजा करें। इसके बाद एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर मां लक्ष्मी का चित्र या मूर्ति स्थापित करें। सात गोमती चक्र और सात लाल कौड़ी को गंगाजल से स्नान करवाकर पोंछकर चौकी पर रखें। इन पर केसर का तिलक करें। श्रीसूक्त के 11 पाठ करने के बाद धूप दीप नैवेद्य करके लाल कपड़े में इन्हें बांधकर अपनी तिजोरी में रखें। पैसों की आवक बढ़ जाएगी और धन कोष में वृद्धि होगी। माघी पूर्णिमा के दिन दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर लक्ष्मी माता के सामने रखें। 

प्रात: से सायंकाल तक इस जल को ऐसे ही रखे रहने दें। सायंकाल में इस जल को एक शीशी में भरकर रख लें और हर दिन थोड़ा थोड़ा अपने घर में छिड़कते रहें। इससे समस्त वास्तुदोष दूर होते हैं, धन प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। पूर्णिमा के दिन अपने घर, दुकान या प्रतिष्ठान में कुबेर यंत्र, पारद का श्रीयंत्र, स्फटिक का श्रीयंत्र या लक्ष्मी यंत्र स्थापित करने से आर्थिक संकट दूर होते हैं। जन्मकुंडली में बुरे ग्रहों के प्रभाव से यदि आर्थिक संकट बना हुआ है, बार-बार कर्ज लेने की नौबत आ रही है। पैसों की आवक पूरी तरह रूक गई है या कम हो गई है तो माघ पूर्णिमा के दिन भगवान शिव का रूद्राभिषेक संपन्न करवाएं। पूर्णिमा के दिन भगवान शिव का अभिषेक गन्ने के रस से करने से पैसों की कमी नहीं रहती। पूर्णिमा के दिन सवा लीटर दूध लेकर किसी कुएं के समीप जाएं और एक-एक चम्मच उसमें डालते हुए अपनी समस्याएं दूर करने का उच्चारण मन ही मन करते जाएं। संकट शीघ्र दूर होगा।

Source : Agency

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