Monday, January 18th, 2021

खाद्य तेल हो या सब्जियां या फिर दालें, इनकी कीमतों में वृद्धि, बिगाड़ा किचन का बजट 

नई दिल्ली                                            
पिछले एक महीने में आवश्यक वस्तुओं की तेजी से बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के किचन का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। खाद्य तेल हो या सब्जियां या फिर दालें, इनकी कीमतों में आग लगी हुई है। 25 अक्टूबर से 25 नवंबर के बीच सबसे ज्यादा उछाल आलू और पाम ऑयल के दाम आया है। दोनों के रेट में करीब साढ़े ग्यारह फीसद की बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक खाद्य तेलों के दाम में खूब वृद्धि हुई है। 

तेलों के बढ़े भाव
आंकड़ों के मुताबिक पैक सरसों का तेल 151 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 156 रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, वनस्पति तेल 92.20 रुपये से 100.87 रुपये, सोयाबीन का तेल 100.67 रुपये से 110.45 रुपये, सूरजमुखी का तेल 118.16 रुपये से 126.40 रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा खुली चाय, नमक, आलू और चीनी के दाम में भी इजाफा हुआ है।

प्याज-टमाटर ने दी राहत, दालों ने बढ़ाई मुश्किल
अगर राहत की बात करें तसे चावल, गेहूं, आटा, प्याज और टमाटर ने लोगों को थोड़ी सी राहत पहुंचाई है। जबकि, दालों ने बजट बिगाड़ दिया है। अरहर के दाल को छोड़ सभी की कीमतों में उछाल आया है। अरहर के दाल में भी मामूली गिरावट आई है। तुअर की दाल एक महीने में 107 रुपये प्रति किलो से 106.58 पर आ गई है। वहीं चना, मूंग, उड़द और मसूर दाल महंगी हुई है। आलू औसतन 40.82 रुपये से 45.51 रुपये पर पहुंच गया है, हालांकि कई जगहों पर यह 60 के पार भी बिक रहा है। बता दें यहकरीब 100 सेंटरों से लिए गए रेट का औसत है। वास्तविक रेट वस्तु की क्वालिटी के अनुसार थोड़ा कम और ज्यादा हो सकते हैं।

Source : Agency

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