Monday, January 18th, 2021

केन्द्रीय ट्रेड युनियनों की देशव्यापी हड़ताल को कांग्रेस ने दिया समर्थन

रायपुर
केन्द्रीय ट्रेड युनियनों के आव्हान पर 26 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल की जायेगी, कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी की सहमति से छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी ने भी अपना समर्थन दिया है। केन्द्र की भाजपा सरकार मजदूर विरोधी जो 5 काले कानून लाने जा रही है उसमें प्रमुख रूप से (1) विद्युत वितरण संशोधन अधिनियम 2020, (2) लेबर कोड बिल न्यूनतम वेतन भुगतान अधिनियम 2019, (3) सामाजिक सुरक्षा अधिनियम 2020, (4) औद्योगिक संबंध अधिनियम 2020, (5) मजदूरों की कार्यदशा पर बिल 2020 शामिल है जो पूरी तरह से मजदूर किसान विरोधी है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एम.ए. इकबाल ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि इन नये कानूनों से गरीबों को और गरीब करों, अमीर को और अमीर बनाओं वाला कार्य सरकार कर रही है। वर्तमान की केन्द्र सरकार 70 साल के बने हुये ढांचे को ढहाने का प्रयास कर रही है। जैसे रेलवे का निजीकरण, एयरपोर्ट, बैंक, बीएसएनएल, ओएनजीसी, एलआईसी आदि कई सरकारी संस्थानों को बंद करके उनका निजीकरण करके सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना चाहती है। इसी प्रकार नये कृषि कानून बनाये गये है जो किसानों के हितों के विपरीत है। जिसका पूरे देश भर में विरोध हो रहा है। कांग्रेस पार्टी किसान एवं मजदूरों का संरक्षण एवं हित सोचने वाली पार्टी है। इस देशव्यापी हड़ताल से केन्द्र सरकार की चूलें हिल जायेगी।

इकबाल ने बताया कि भाजपा द्वारा लाये जा रहे इन नये लेबर कोड के अंतर्गत श्रमिक अब हड़ताल नहीं कर सकेंगे। चाहे उन्हें नौकरी से क्यों न निकाल दिया जाये, चाहे उनकी तनख्वाह कम कर दी जाये। इस कानून से श्रमिकों से सारे उनके अधिकार छीन लिये गये है। नया लेबर कोड श्रमिकों के मौलिकों अधिकारो का हनन करता है तथा इसके खिलाफ मजदूर को किसी कोर्ट में अपील का भी अधिकार नहीं है। मजदूरों ने बहुत बलिदानों के बाद श्रम कानूनों को बड़े संघर्ष के बाद कर बनवाया है। इसमें से पुराने श्रम कानून जैसे 1923 का क्षतिपूर्ति कानून, 1936 का न्यूनतम मजदूरी कानून, 1960 का औद्योगिक संबंध अधिनियम आदि-आदि अनेकों कानून जो मजदूरों को खून पसीना बहाने और हड़ताल एवं प्रदर्शन के बाद मिले थे। पूर्व में कांग्रेस सरकार ने श्रम कानूनों के बनाने में एवं उनके संरक्षण में मजदूरों के हित में बड़ा काम किया था। प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में मजदूरों को अधिकार प्रदान किया था।  परंतु 6 साल पुरानी भाजपा की केन्द्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को एक साथ समाप्त कर दिया। जो नये काले कानून बनाये गये है वह मजदूरों के नहीं उद्योगपतियों के हित में है।

Source : Agency

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