Friday, November 27th, 2020

 फ्रांस ने PAK को दिया तगड़ा झटका, मिराज-सबमरीन को नहीं करेगा अपग्रेड

 फ्रांस                                                                 
पैगंबर मोहम्मद के विवादित कार्टून मामले में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मेक्रों पर निशाना साधने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को तगड़ा झटका लगा है। यह झटका फ्रांस ने दिया है। दरअसल, फ्रांस ने तय किया है कि वह पाकिस्तान के मिराज फाइटर जेट्स, एयर डिफेंस सिस्टम, अगोस्टा 90बी क्लास सबमरीन्स को अपग्रेड नहीं करेगा। इस पूरे मामले की जानकारी रखने वालों ने सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स को यह जानकारी दी है।

इसके अलावा, फ्रांस ने कतर, जोकि राफेल फाइटर जेट्स का खरीदार है, से कहा है कि विमान के लिए किसी भी पाकिस्तानी टेक्नीशियन को काम न करने दे। फ्रांस की आशंका है कि कहीं पाकिस्तानी टेक्नीशियन चोरी-छिपे फाइटर जेट्स की अहम जानकारियों को इस्लामाबाद को न बता दें। पाकिस्तान पहले भी अपनी इन हरकतों के लिए जाना जाता रहा है और चीन के साथ डिफेंस डाटा को शेयर करता रहा है।

फ्रांस पहले से ही पाकिस्तानी नागरिकों को शरण देने के लिए उनकी कठोर तरीके से जांच कर रहा है। हाल ही में विवादास्पद चार्ली हेब्दो मैगजीन के पुराने पेरिस दफ्तर के बाहर चाकू मारने की घटना सामने आई थी। सितंबर महीने में, पाकिस्तान के 18 वर्षीय अली हसन ने मैगजीन के दफ्तर के बाहर दो लोगों की चाकू मार दिया था। बाद में, उसके पिता ने एक लोकल न्यूज चैनल से कहा था कि उनके बेटे ने काफी अच्छा काम किया है और वे इस हमले से काफी खुश हैं।

भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला को फ्रांसीसी सरकार के फैसलों के बारे में तब बताया गया था, जब उन्होंने 29 अक्टूबर को पेरिस का दौरा किया था। इसके पहले, फ्रांस में आतंकी हमले को लेकर नई दिल्ली ने फ्रांस के साथ खड़े होकर निंदा की थी। फ्रांस ने भी श्रृंगला को आश्वस्त किया कि वह अपने रणनीतिक सहयोगी की सुरक्षा चिंताओं के प्रति बहुत संवेदनशील है और उसने भारत की सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर निर्यात नियंत्रण शासन के तहत पाकिस्तान मूल के टेक्नीशियंस को राफेल लड़ाकू जेट से दूर रखने के बारे में निर्देश जारी किए थे। वहीं, मिराज 3 और मिराज 5 फाइटर जेट्स को अपग्रेड नहीं करने के फ्रांसीसी सरकार के फैसले का असर पाकिस्तानी वायुसेना पर पड़ा सकता है। पाकिस्तान के पास 150 मिराज फाइटर जेट्स हैं, जिसे फ्रांस की दसॉं एविएशन ने बनाया है। हालांकि, इसके आधे ही पाकिस्तानी वायुसेना के सेवा में हैं।

Source : Agency

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