Tuesday, November 24th, 2020

आपका बच्‍चा बहुत गुस्‍सैल और जिद्दी है, तो समय रहते सुधार सकते हैं

बढ़ते हुए बच्‍चों का गुस्‍सा करना नॉर्मल बात है। इसे आप बच्‍चे के विकास का एक हिस्‍सा भी कह सकते हैं। कई बच्‍चे तो अपने स्‍कूल में पढ़ने वाले बच्‍चों के खिलौने छीन लेते हैं या उन्‍हें मारते हैं या चिल्‍लाते हैं। बच्‍चों का ऐसा व्‍यवहार मां-बाप के लिए बहुत चिंताजनक होता है।
अगर आपका बच्‍चा भी बहुत गुस्‍सा करता है या आपको कोई चीज न मिलने या अपनी पसंद का खाना न मिलने पर चिल्‍लाने लगता है तो आपको उसकी इन आदतों को दूर करने के लिए कुछ तरीके जरूर अपनाने चाहिए।

कुछ सीमाएं बनाएं
बच्‍चों को ये समझाएं कि उन्‍हें दूसरों के साथ कैसा व्‍यवहार करना है और कैसा नहीं करना है। उसके लिए कुछ नियम बनाकर रखें, साथ ही ये भी बता दें कि अगर वो इन नियमों को तोड़ता है तो उसे क्‍या सजा मिलेगी। बच्‍चे के मारने या काटने पर उसे तुरंत टोकें ताकि उसे सही और गलत की समझ हो।

गुस्‍से से निपटने के तरीके
बच्‍चे को अपनी भावनाओं को व्‍यक्‍त करने का सही तरीका सिखाएं। उसे लड़ने की बजाय बोलकर अपनी बात कहना सिखाएं। इससे बच्‍चे को अपना गुस्‍सा शांत करने में मदद मिलेगी। जब बच्‍चा ऐसा करना सीख जाए तो उसकी तारीफ करना भी न भूलें।

आत्‍मनियंत्रण सिखाएं
बच्‍चों में खुद को कंट्रोल करने की क्षमता नहीं होती है। ये गुर आपको उसे सिखाना है। उन्‍हें बताएं कि वो जब चाहें किसी को काट या मार नहीं सकते हैं। उसे अपनी भावनाओं को कंट्रोल करना और कुछ करने से पहले सोचने की आदत जरूर डालें।

टफ बताकर गुमराह न करें
कुछ परिवारों में खासतौर पर लड़कों को गुस्‍सा करने या गुस्‍सैल बनने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाता है। बच्‍चों की तारीफ करने के लिए उन्‍हें टफ कह दिया जाता है जो कि बिलकुल गलत है। इससे बच्‍चे को लगेगा कि अब उसकी गुस्‍सा करने की गलत आदत में मां-बाप की मर्जी भी शामिल है।

अपना गुस्‍सा भी कंट्रोल में रखें
घर में माता-पिता को देखकर ही बच्‍चे सीखते हैं। अगर आप ही छोटी-छोटी बातों पर गुस्‍सा करेंगे तो आपका बच्‍चा भी आपसे यही सीखेगा। उसके सामने आप भी अपने गुस्‍से को कंट्रोल करें ताकि वो भी आपको देखकर ऐसा ही करे।

टीवी पर नजर
जी हां, टीवी पर दिखाई गई आक्रामक चीजें भी बच्‍चों के व्‍यवहार पर बहुत असर डालती हैं। अपने बच्‍चे को ज्‍यादा शोर, मारपीट और आक्रामक वाले शो न देखने दें। अगर वो गुस्‍सैल है तो इस मामले में आपकी जिम्‍मेदारी और बढ़ जाती है।
बचपन ही वो समय होता है जब आप अपने बच्‍चे के व्‍यवहार को सैट कर सकते हैं। इस समय वो बड़ी आसानी से आपकी बात मान सकते हैं जबकि अगर वो गुस्‍सैल और जिद्दी रवैये के साथ ही बड़ा हो गया तो फिर वो आपको भी जवाब देने लगेगा और इस स्थिति को संभालना आपके लिए मुश्किल हो जाएगा।
ऊपर बताए गए कुछ आसान तरीकों की मदद से आप अपने गुस्‍सैल और आक्रामक बच्‍चों के व्‍यवहार को शांत कर सकते हैं। ये तरीके आसान होने के साथ-साथ कारगर भी हैं।

Source : Agency

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